कैसे आऊं मै मोटर में बापू मुझको अब तुम ही बतला दो
कोई तो रास्ता अब निकालो जो जल्दी से तेरे दर पे लाये
बहुत तरसी है आंखे ये अब तक कब देखुगी मै वो नजारा
जब मुझको भी जानत के दर्शन तेरी मोटर में जा कर होंगे
मैंने हर पल तुझको ही चाहा फिर कियु न सुना तुमने बापू
क्या एक बेटे को अपने पिता से मिलने को तड़पते ही रहना है
खबर तो तुम्हे बे ये होगी कोई रोता है तुम्हे याद कर के
तुम तो नरम दिल हो बापू फिर कैसे जुदाई तुम सह गए
साईं संजीवन मनीष अरदास करें हाथ जोड़के साईं चरणों में
कैसे आऊं मै मोटर में बापू मुझको अब तुम ही बतला दो साईं नाथ मेरे !!!
कोई तो रास्ता अब निकालो जो जल्दी से तेरे दर पे लाये
बहुत तरसी है आंखे ये अब तक कब देखुगी मै वो नजारा
जब मुझको भी जानत के दर्शन तेरी मोटर में जा कर होंगे
मैंने हर पल तुझको ही चाहा फिर कियु न सुना तुमने बापू
क्या एक बेटे को अपने पिता से मिलने को तड़पते ही रहना है
खबर तो तुम्हे बे ये होगी कोई रोता है तुम्हे याद कर के
तुम तो नरम दिल हो बापू फिर कैसे जुदाई तुम सह गए
साईं संजीवन मनीष अरदास करें हाथ जोड़के साईं चरणों में
कैसे आऊं मै मोटर में बापू मुझको अब तुम ही बतला दो साईं नाथ मेरे !!!