काश मैं इक पेड़ होता
लोगों के कुछ तो काम आता
लोग मेरी छाया में बैठते
मेरे मीठे फलों का स्वाद लेते.
मेरे फूलों की महक चारों और फैलती
वातावरण को खुशनुमा बना देती
मेरी हरी हरी कोमल पत्तियों को
परिंदे खुश हो कर खाते
सूख जाने पर मेरी लकड़ी
या तो जलाने के काम आती
या कोई स्टूल या बेंच बनाने के काम आती
मेरा ये मानव शरीर तो मरने के बाद भी
किसी काम नहीं आएगा ........
काश मैं इक पेड़ होता ....
काश मैं इक पेड़ होता .
लोगों के कुछ तो काम आता
लोग मेरी छाया में बैठते
मेरे मीठे फलों का स्वाद लेते.
मेरे फूलों की महक चारों और फैलती
वातावरण को खुशनुमा बना देती
मेरी हरी हरी कोमल पत्तियों को
परिंदे खुश हो कर खाते
सूख जाने पर मेरी लकड़ी
या तो जलाने के काम आती
या कोई स्टूल या बेंच बनाने के काम आती
मेरा ये मानव शरीर तो मरने के बाद भी
किसी काम नहीं आएगा ........
काश मैं इक पेड़ होता ....
काश मैं इक पेड़ होता .
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